जीवन के कुछ पहलू हैं ये...
जीवन के कुछ
पहलू हैं ये
गौर करो
जरा तुम इन पर...
देखो ये
क्या कहते हैं... ?
नहीं जरूरत
तो हँसते हैं
छोटी-छोटी बातों पर
वे हँसते हैं
जरूरत से ज्यादा
वे हँसते हैं...
रहता है जब
मन अकेला
घाव है दिल में
बेहद गहरा
होता है तब
ऐसा ही है।
जब पूछो
सोते रहते है
जब देखो
सोते रहते है
हैं उदास ...?
ऐसा ही होगा
बोले तो
कम ही बोले
और जल्दी-जल्दी
बोल-बोल कर
खत्म कर दे
बातें सारी...
छुपा राज
न वे खोलेंगे
रहस्य सँजो कर
वे रखेंगे ।
नाहक चिल्लाये
छोटी बातों पर
हो बात चिल्लाने की
तो साधे चुप्पी
पहले वाले
मासूम बड़े हैं
और दूसरे
अंदर से
निर्बल होते हैं।
खाने की बारी आयी तो
जैसे-तैसे,
झट- पट ,
झट-पट
खाना निपटाया
और
दिखला जाते हैं कि
तनाव- पूर्ण
जीवन सारा।
बड़े हो गए
पर बच्चों –जैसा
गुस्सा करते हैं
बात-बात पर
दाल- कटोरा और चम्मच
फेंकते हैं।
बिना प्रेम के
जीवन इनका
है सूना
एक कटोरी प्यार
मिले तो
खिल जाएगा
बगिया इनका ।
जीवन के कुछ
पहलू हैं ये
गौर करो
जरा तुम इन पर...
देखो ये
क्या कहते हैं... ?
नहीं जरूरत
तो हँसते हैं
छोटी-छोटी बातों पर
वे हँसते हैं
जरूरत से ज्यादा
वे हँसते हैं...
रहता है जब
मन अकेला
घाव है दिल में
बेहद गहरा
होता है तब
ऐसा ही है।
जब पूछो
सोते रहते है
जब देखो
सोते रहते है
हैं उदास ...?
ऐसा ही होगा
बोले तो
कम ही बोले
और जल्दी-जल्दी
बोल-बोल कर
खत्म कर दे
बातें सारी...
छुपा राज
न वे खोलेंगे
रहस्य सँजो कर
वे रखेंगे ।
नाहक चिल्लाये
छोटी बातों पर
हो बात चिल्लाने की
तो साधे चुप्पी
पहले वाले
मासूम बड़े हैं
और दूसरे
अंदर से
निर्बल होते हैं।
खाने की बारी आयी तो
जैसे-तैसे,
झट- पट ,
झट-पट
खाना निपटाया
और
दिखला जाते हैं कि
तनाव- पूर्ण
जीवन सारा।
बड़े हो गए
पर बच्चों –जैसा
गुस्सा करते हैं
बात-बात पर
दाल- कटोरा और चम्मच
फेंकते हैं।
बिना प्रेम के
जीवन इनका
है सूना
एक कटोरी प्यार
मिले तो
खिल जाएगा
बगिया इनका ।







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