रविवार, 1 सितंबर 2013

आत्मकथ्य

 मेरी रचनाएँ
 meri rachnayn
premkumar39.blogspot.com/‎
 PKJAYASWAL: MA,M LIB Isc, PhD.(JNU) Retired Librarian-Assam Univ,Mizoram Univ.ExDirector RRRLF.Ex-Deputy Librarian  ,JNU.

 [प्रारम्भ में छात्र –जीवन में\,\(1960)के दशक में \,कहानियाँ लिखा करता था।।जो समकालीन पत्रिकाओं में ,यथा,कहानी\, युगचेतना,धर्मयुग, आदि पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं थीं। सम्पूर्ण
प्रकाशित तथा अप्रकाशित  रचनाएँ पटना में आई बाढ़ की भेंट चढ़ गईं । बची-खुची
और प्रकाशित रचनाओं का एक संग्रह जे एन यू में जब था तो हमारे हिन्दी विभाग के एक
प्राध्यापक के मित्र जो राजस्थान् के किसी कॉलेज में पढ़ाते थे ,प्रकाशित करने के उदेश्य से ले गए-।
यह सत्तर के दशक की बात है । फिर अनेक कोशिशों के बावजूद उनका पता नहीं चला । फिर
मैं तकनीक लेखन में लगा रहा ...जीवन की शाम जब ढलने को आई...तो बच्चों के
लिए ...कुछ लिखने का  साधन लैपटाप को बनाया है...}

संक्षिप्त परिचय
जन्म-पटना (बिहार) / शिक्षा –एम  ए, एम लिब आईएससी,पी एच डी (जे एन यू)
कार्य-क्षेत्र –डेप्युटी लायब्रेरियन जे एन यू ।यूनिवरसिटि लायब्रेरियन- आसाम एवं
मिजोरम विश्वविद्यालय –
 लेखन- प्रारम्भ में– कथा-कहानियाँ । फिर ग्रंथालय-विज्ञान में –
अवकाश प्राप्ति के पश्चात पी एच डी निर्देशन...
अब कुछ माह से कुछ अभिव्यक्त करने की जिज्ञासा

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