प्रस्तुत है एक रचना
: ‘आप’ की राह पर... प्रेमकुमार
‘आप’ की राह पर
‘आप’ की राह पर
हम भी चलेंगे ।
लाल बत्ती छोड़
गाड़ी में चलेंगे ।
मेट्रो नहीं तो क्या
साइकिल में चलेंगे ।
बोतल भर- भर पानी
घर-घर भेजेंगे ।
राहत सहित बिजली
लालटेन भी बाटेंगे।
लेंगे नहीं सुरक्षा
एकला चलेंगे ।
मशाल लेकर हाथ में
भ्रष्टाचार ढ़ूढेंगे ।
सारे मुद्दे भूल कर
जनता को देखेंगे ।
फिर भी ‘आप’ बढ़े आगे
सब मिल टांग खींचेंगे ।
03/01/2014/
pkjayaswal11@gmail.com
