रविवार, 25 अगस्त 2013

रूठ गयी थी बिजली


रूठ गयी थी बिजली


आज का दिन
अच्छा नहीं बीता ...
रूठी गयी थी
घर की बिजली
मान- मनौवल
बहुत किया
फिर भी  वह मुंह   नहीं दिखाई
इंवर्टर को  गुस्सा तब आया
मैं क्यों करूँ बेगारी ।
तभी  रानू का
फोन आ गया
कर लो चेक
ई-मेल अपना
लैपटाप ने जब सुना
सो गया -
वह भी गहरी  नींद में ।
ऐसे में मैं
फिर क्या करता ?
सरकारी क्वार्टर में क्या
गोबर गॅस का प्लांट लगाता  ?





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