रूठ गयी थी बिजली
आज का दिन
अच्छा नहीं बीता ...
रूठी गयी थी
घर की बिजली
मान- मनौवल
बहुत किया
फिर भी वह मुंह नहीं दिखाई
इंवर्टर को गुस्सा तब आया
मैं क्यों करूँ बेगारी ।
तभी रानू का
फोन आ गया
कर लो चेक
ई-मेल अपना
लैपटाप ने जब सुना
सो गया -
वह भी गहरी नींद में ।
ऐसे में मैं
फिर क्या करता ?
सरकारी क्वार्टर में क्या
गोबर गॅस का प्लांट लगाता ?
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