सोमवार, 23 दिसंबर 2013

… दिल्ली का सिंहासन....




दिल्ली का सिंहासन

बड़ी बात हो गयी
आप की सरकार हो गयी ।

बिल घटेगा बिजली पानी का
उम्मीद जगा है जन –जन का ।

जन –लोकपाल बिल बनेगा
भ्र्रष्टाचारी कालिख मलेगा ।

वैशाली लौटी है दिल्ली
जनता सिंहासन पर बैठी ।

दल –दल क्यों बेदखल हो गए ?
नहीं समझ पा रहे हैं कोई ।

चिंतन –मनन  वे कर रहे हैं
घाट –घाट के पानी जो पीये हुए हैं ।

साध रखी है गुरु ने चुप्पी
गुर यह कोई और भी सीखेंगे ।

कोई कहते, टांग हम खीचेंगे ही
सिंहासन पर हम बैठेंगे हीं ।
भारत भाग्य विधाता हैं हम
जनता को  यह समझा देंगे ।

चमकेगा जहाँ सितारा उनका
आसमान वह दिखला देंगे ।


23/12/2013


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