गुरुवार, 2 जनवरी 2014

आप’ की राह पर...

प्रस्तुत है एक रचना : आप की राह पर... प्रेमकुमार


आप की राह पर



आप की राह पर
हम भी चलेंगे ।

लाल बत्ती छोड़
गाड़ी में चलेंगे ।

मेट्रो नहीं तो क्या
साइकिल में चलेंगे ।

बोतल भर- भर पानी
घर-घर भेजेंगे ।

राहत सहित बिजली
लालटेन भी बाटेंगे।

लेंगे नहीं सुरक्षा
एकला चलेंगे ।

मशाल लेकर हाथ में
भ्रष्टाचार ढ़ूढेंगे ।

सारे मुद्दे भूल कर
जनता को देखेंगे ।

फिर भी आप बढ़े आगे
सब मिल  टांग खींचेंगे ।


03/01/2014/
pkjayaswal11@gmail.com




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