शुक्रवार, 29 नवंबर 2013

जन्म-दिन : एक और नज़र मेँ :

जन्म-दिन : एक और नज़र मेँ
                 प्रेमकुमार


जिन्दगी की
किताब का
एक
और पन्ना
पलट गया
हवा के
झोंकों से

जिन्दगी के
आईने मेँ
एक
और चेहरा
खो गया ।

मुरझाए
फूलों मेँ
एक
और गुलाब
समा गया ।

यादों की
लहरों को
एक और लहर
छू गयी ।

रात एक
कट गयी
सुबह के
होने मेँ
आयी जब सुबह
वह
हाथ से
फिसल गयी ।

बुझी हुई
मोमबत्तियों के
आँगन मेँ
जला दिया
एक और ...
बुझने के लिए
मोमबत्ती !


29/11/2013
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